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ग्रामोदय विश्वविद्यालय डेरी की भूमिका पर एक जून को वर्चुअल संगोष्ठी करेगा

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ग्रामोदय विश्वविद्यालय डेरी की भूमिका पर एक जून को वर्चुअल संगोष्ठी करेगा चित्रकूट, 31 मई 2021। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कृषि संकाय के तत्वावधान में एक जून 2021 को अपराह्न तीन बजे से देश की आर्थिक स्थिति बढ़ाने में डेयरी की भूमिका विषय को लेकर ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा।चंद्रशेखर आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति प्रो डी आर सिंह मुख्य उद्बोधन देगें। अध्यक्षता ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो नरेश चंद्र गौतम करेगें।स्वागत उद्बोधन अधिष्ठाता प्रो डी पी राय और विषय प्रवर्तन मृदा विज्ञान के प्राध्यापक डॉ पावन सिरोठिया व पृष्ठभूमि प्रस्तुति पशुपालन एवं डेरी के सचिव डॉ उमेश कुुमार शुक्ला ने बताया कि तकनीकी सत्र के मुख्य अतिथि प्रभारी आई टी प्रो भरत मिश्रा होंगे। डॉ बृजेश सिंह पंतनगर, डॉ अंजनी कुमार मिश्रा व डॉ बी के मिश्रा मेघालय विशिष्ट वक्तव्य देगें। कृषि प्रसार प्राध्यापक डॉ  योगेंद्र कुमार सिंह व श्रीकांत धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करेगें।

आरोग्यधाम चित्रकूट में बापू की राम कथा का तीसरा दिन

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'रामचरित मानस' ही सत्य, प्रेम, करुणा का प्रत्यक्ष परिचय है - मोरारी बापू आरोग्यधाम चित्रकूट में बापू की राम कथा का तीसरा दिन चित्रकूट 31 मई 2021। दीनदयाल शोध संस्थान के आरोग्यधाम परिसर चित्रकूट में अर्न्तराष्ट्रीय मानस मर्मज्ञ संत मोरारी बापू ने रामकथा के तीसरे दिन‘‘ प्रनवऊ प्रथम भरत के चरना, जासु नेम ब्रत जाइ न बरना। रामचरन पंकज मन जासू, लुबुध मधुप इव तनइ न पासू।।‘‘ चौपाई के माध्यम से भरत जी का सजीव चित्रण कराते हुऐ मानस भरत जो इस नौ दिवसीय रामकथा का केन्द्र बिन्दु है, इसको परिक्रमा करते हुये एक संवाद के रूप में भरत जी का दर्शन कराया।  कथा के माध्यम से मोरारी बापू ने कहा कि इस परम पावन चित्रकूट धाम में सहज स्वाभाविक नौ दिवसीय रामकथा के तीसरे दिन के आरंभ में मंदाकिनी के प्रवाहमान चेतना को, स्फटिक शिला की प्रकाशवान चेतना को, कामदगिरि की धीर गंभीर चेतना को, अनुसुइया जी-सुतीक्षण मुनि जी की व्रतमयी चेतना को व्यासपीठ से मेरा प्रणाम। भरत धर्मज्ञ है। भरत जी के नियम, व्रत का वर्णन नहीं किया जा सकता।  भरत चरित्र पर राम कथा को समर्पित करते हुए बापू ने कहा कि भरत चरित्र को बख...

ग्रामोदय विश्वविद्यालय स्टाफ़ को वैक्सीन लगवाना अनिवार्य

ग्रामोदय विश्वविद्यालय  स्टाफ़ को वैक्सीन लगवाना अनिवार्य अब ग्रामोदय कैम्पस में बगैर मास्क के प्रवेश नहीं मिलेगा बुखार, खाँसी, जुकाम,शरीर दर्द सिम्टम्स वालो को कोरोना निगेटिव रिपोर्ट साथ में लाना होगा सरकारी गाइड लाइन के अनुसार ही स्टाफ़ अपने कार्यालय में रहे कुलपति प्रो गौतम अपनी ऑनलाइन वर्चुअल समीक्षा जारी  रखेंगे चित्रकूट, 30 मई 2021 । महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो नरेश चंद्र गौतम ने आज अपनी वर्चुअल बैठक में कहा है कि संज्ञान में आया है   कि ग्रामोदय स्टाफ के कुछ-एक  लोगों ने अभी तक वैक्सीनेशन नहीं कराया है।उन्होंने अपील की है यदि कोई पर्याप्त कारण न हो तो यथाशीघ्र अपने आयु वर्ग की पात्रता के अनुरूप अनिवार्य रूप से अपने और अपने परिवार के लोगो को कोविड -19 की वैक्सीन लगवाये। ज्ञातव्य है कि कुलसचिव डॉ अजय कुमार द्वारा कोविड से बचाव के लिए विश्वविद्यालय स्टाफ को वैक्सीन लगवाना अनिवार्य कर दिया है। कोरोना संक्रमण को यूनिवर्सिटी कैंपस को बाहर ही रोकने के लिए सम्पूर्ण स्टाफ को वैक्सीन लगवाना अनिवार्य करने के साथ मास्क पहनना भी अनिवार्य...

ग्रामोदय यूनिवर्सिटी दो जून को चित्रकूट में कोरोना प्रबंधन पर वर्चुअल संगोष्ठी करेगा

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  पोस्ट कोविड प्रॉब्लम्स का इलाज चिकित्सक की राय पर करें : प्रो गौतम, कुलपति ग्रामोदय कृषि फार्म जैविक खाद से उत्पादित अन्न कोविड से संक्रमित स्टाफ को उपलब्ध कराएगा ग्रामोदय यूनिवर्सिटी दो जून को चित्रकूट में कोरोना प्रबंधन पर वर्चुअल संगोष्ठी करेगा वर्चुअल चर्चा में जिलाप्रशासन, समाजसेवी,सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालो के चिकित्साधिकारी और चिकित्सा प्राध्यापक भी शामिल होगें।  चित्रकूट, 28 मई 2021। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो नरेश चंद्र गौतम ने कोरोना संक्रमण से बाहर निकलने वालो को पोस्ट कोविड समस्याओं से निजात पाने के लिए सुयोग्य चिकित्सक से सम्पर्क कर इलाज कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि पोस्ट कोविड समस्या को नजरअंदाज न करते हुए इम्यून सिस्टम को मजबूती देने वाले सारे प्रयास करें।कुलपति प्रो गौतम ने आज वर्चुअल मीटिंग में कोरोना संक्रमण से जंग जीत कर आये ग्रामोदय स्टाफ से वर्चुअल चर्चा की और उनके अनुभवों को जाना। उन्होंने यूनिवर्सिटी कृषि फार्म के अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोरोना से जीतने वाले यूनिवर्सिटी स्टाफ़ सहित अन्य यूनिवर्...

दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम आयोजित

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दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम आयोजित चित्रकूट 27 मई 2021।  दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित जन शिक्षण संस्थान चित्रकूट प्रायोजित कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम अंतर्गत आत्मनिर्भर भारत के संदर्भ में ग्राम बंदर कोल में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिला अधिकारी चित्रकूट के निर्देश में जन शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष श्री अभय महाजन जी द्वारा कोविड-19 के वैक्सीनेशन के लिए ग्रामीणों में जागरूकता हेतु अभियान लिया गया माननीय अभय महाजन जी के दिशा निर्देशों में जन शिक्षण संस्थान के कार्यकर्ताओं ने बंदर कोल ग्राम में डोर टू डोर संपर्क किया तथा कोविड-19 वैक्सीन लगाने हेतु प्रोत्साहित किया तथा बताया कि यदि हम सभी ग्रामवासी स्वयम की प्ररणा से वैक्सीन लगवाते है तो आप के ग्राम में टीका करण केंद्र बनाकर शतप्रतिशत टीका लगवाया जाएगा जिससे हैम सुरक्षित हो कर राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।आत्मनिर्भर भारत की संगोष्ठी में जन शिक्षण संस्थान के निदेशक श्री रमाशंकर त्रिपाठी द्वारा बताया गया कि आत्मनिर्भर...

प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित उपायों द्वारा कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है।

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ग्रामोदय विचार प्रवाह प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित उपायों द्वारा कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है। चित्रकूट, 27/05/2021। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के आयुर्वेदिक चिकित्सा शिक्षा के प्राध्यापक डॉ आर के श्रीवास्तव ने कहा कि मानव के स्वास्थ्य की पहली शर्त है प्रकृति के साथ समीपता। सदियों से मानव का प्रकृति के साथ पारस्परिक संबंध रहा है। अनंतकाल से प्रकृति मां की तरह मानव का पालन पोषण करती रही है किन्तु मानव ने अपनी जिज्ञासु प्रवृति और प्रकृति पर विजय प्राप्त करने की महत्वाकांक्षा के कारण अपने स्वास्थ्य का अपक्षय किया है। औद्योगिकीकरण की अंधी दौड़ में , विकास की अनंत यात्रा ने जहां एक ओर राष्ट्र को अत्यधिक सुख सुविधा से संपन्न बनाया है वहीं दूसरी और मानव को प्रकृति से दूर ले जाकर पर्यावरण को दूषित नित नए रोगों का शिकार बना रहीं है। वर्तमान दौर में कोरोना संक्रमण विलासी जीवन का ही दुष्परिणाम है। कोरोना संक्रमण से दुनिया हिल चुकी है। लाखों लोगों की जान चली गई है। ऐसा लगता है कि मानों प्रकृति ने अपने रिमोट कंट्रोल से रीसेट बटन दबाकर रिप्रोग्रामिंग कर रही है। यह ...

थाईलैंड सहित भारत के चिकित्सा विद्द्वानो ने अपने विचार रखे

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ग्रामोदय यूनिवर्सिटी द्वारा कोरोना से बचाव के लिए अंतर्राष्ट्रीय वर्चुअल संगोष्ठी आयोजित थाईलैंड सहित भारत के चिकित्सा विद्द्वानो ने अपने विचार रखे आयुर्वेद,योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को अपनाये - डॉ अलका गुप्ता, थाईलैंड दूषित खान पान शैली को त्यागें - कुलपति प्रो गौतम  आयुर्वेद,योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के द्वारा कोरोना से बचाव विषय को लेकर विद्द्वानो ने किया वर्चुअल वार्ता चित्रकूट , 26 मई 2021। वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते देश सामाजिक आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। मनुष्य जाति विशेष रूप से प्रभावित हुई है। मानव शरीर में अनेक प्रकार के विकार उत्पन्न होने के चलते व्यक्ति शारीरिक एवं मानसिक कष्ट भोग रहा है। वर्तमान परिस्थितियों के निदान हेतु आयुर्वेद योग प्राकृतिक चिकित्सा का महत्व बताते हुए डॉ अलका गुप्ता, थाईलैंड ने आयुर्वेद पद्धति पर प्रकाश डाला। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के शाश्वत प्रेरणा स्रोत भारत रत्न राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख, की प्रेरणा औऱ कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशन व व...