तुलसी एक्सप्रेस की स्लीपर क्लास की एक बोगी में आग की लपटें।






ब्रेकिंग न्यूज़
29 जनवरी 2020

चित्रकूट जिले में मुंबई हावड़ा रेलमार्ग के मानिकपुर जंक्शन पहुंची तुलसी एक्सप्रेस की स्लीपर क्लास की एक बोगी से अचानक धुएं के साथ आग की लपटें उठने लगी। यह देखकर यात्रियों में चीख पुकार मच गई। अफरातफरी के माहौल में यात्री कोच से उतरकर प्लेटफार्म पर आ गए। कुछ ही देर में आग बुझाने के यंत्रों को लेकर रेलवे के कर्मचारी बोगी में घुसे। लगभग आधे घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका।
प्रथम दृष्टया बताया गया कि एस-12 बोगी के शौचालय के नीचे वाले पहिये के ब्रेक शू जाम होने से आग लगी थी। यह भी बताया गया कि किसी ने शौचालय में अपने कपडों में आग लगाकर रख दिया था। इसी का धुआं निकलने पर यात्री आग लगने की बात कह रहे हैं। यह हरकत किसने की है इसकी जांच की जा रही है। स्टेशन प्रबंधक ने पूरे मामले की रिपोर्ट उत्तर मध्य रेलवे के इलाहाबाद कार्यालय भेजने की बात कही है। बुधवार की रात लगभग आठ बजकर 26 मिनट पर 22130 डाउन इलाहाबाद से लोकमान्य तिलक को जाने वाली तुलसी एक्सप्रेस जैसे ही मानिकपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर पहुंची तो महज एक मिनट बाद ही एस- 12 बोगी के यात्री चीख पुकार कर प्लेटफार्म पर उतरने लगे। इलाहाबाद से मलमाड मुंबई जा रहे अभय कुमार गुप्ता (सीट नंबर 79) व धर्मेश कुमार (सीट नंबर 75) ने बताया कि शौचालय के पास से तेज धुआं व आग की लपटें निकल रहीं  थी।
बोगी में आग लगने की संभावना पर सभी यात्री नीचे उतर आए। कुछ ऐसी ही एस-11 बोगी के यात्रियों का भी रहा। ट्रेन चालक डीके साहू व गार्ड पप्पू कुमार ने आला अफसर व स्टेशन प्रबंधक को इसकी सूचना दी। जानकारी होते ही स्टेशन प्रबंधक अचल पांडेय, आरपीएफ प्रभारी टीएस परिहार व जीआरपी प्रभारी सुनील कुमार ने फोर्स के साथ आकर यात्रियों को ढांढंस बंधाया।
रेलविभाग के कर्मचारी आग बुझाने वाले सिलेंडर आदि लेकर पहुंचे। छह से अधिक सिलेंडर लेकर कर्मचारी बोगी में चढ़े और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया। यह देखकर यात्रियो ंने राहत की सांस ली। स्टेशन प्रबंधक ने बताया कि प्रथम दृष्टया लगा कि ब्रेक शू जाम होने से आग लगी होगी लेकिन बाद में पता चला है कि किसी ने इस बोगी के शौचालय में कपड़े में आग लगाकर रख दिया था।

इसी कपड़े की आग का धुआं बाहर निकला तो यात्रियों में अफरा तफरी हुई। तत्काल आग पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया गया है। यह किसी ने शरारत की है अथवा तकनीकी खामी की वजह से आग लगी है। इसकी जानकारी की जा रही है। अफसरों को इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। समाचार लिखे जाने तक ट्रेन प्लेटफार्म पर खडी थी।

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